रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने नवी मुंबई में कौड़ियों के भाव में खरीदी जमीन
मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने महाराष्ट्र के नवी मुंबई में स्थित 5,286 एकड़ भूमि के एक बड़े औद्योगिक पैमाने को 2,200 करोड़ रुपये में खरीदा है। यह जमीन नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक प्रोजेक्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) जैसी प्रमुख परियोजनाओं के पास मौजूद है। इस भूमि की बिक्री जय कॉर्प लिमिटेड द्वारा की गई, इसमें अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की सहायक कंपनी द्रोणागिरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड ने नवी मुंबई आईआईए प्राइवेट लिमिटेड (पहले नवी मुंबई एसईजेड) में अपनी 74 प्रतिशत हिस्सेदारी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को बेची है।
रिलायंस ने 13 दिसंबर 2024 को बताया था कि उसने नवी मुंबई आईआईए प्राइवेट लिमिटेड के 57.12 करोड़ इक्विटी शेयरों को 28.50 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदा है, इससे इस परियोजना की कुल मूल्यांकन 2,200 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह जमीन नवी मुंबई के द्रोणागिरी और कलंबोल क्षेत्रों के स्पेशल प्लानिंग अथॉरिटी के तहत आती है। इस परियोजना के माध्यम से रिलायंस ने न केवल अपनी औद्योगिक निवेश योजनाओं को और मजबूती दी है, बल्कि इस रणनीतिक स्थान पर भूमि अधिग्रहण करके खुद को भविष्य में कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजनाओं से जोड़ लिया है।
नवी मुंबई आईआईए प्राइवेट लिमिटेड के पास करीब 2,140 हेक्टेयर (करीब 5,286 एकड़) भूमि है, और यह परियोजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा एकीकृत औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित की जा रही है। इसके विकास के बाद इस क्षेत्र में अत्यधिक आर्थिक गतिविधियों की संभावना है, खासकर जब नवी मुंबई एयरपोर्ट और ट्रांस हार्बर लिंक जैसी परियोजनाएं पूरी होंगी। इन प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के पास स्थित इस भूमि का उपयोग औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होगा, जिससे इस क्षेत्र की समृद्धि में वृद्धि होगी।
इस निवेश से रिलायंस ने अपनी औद्योगिक गतिविधियों में और मजबूती लाई है और यह परियोजना न केवल कंपनी के लिए बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक महत्वपूर्ण विकास का कदम साबित होगी। अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके साझेदारों के लिए यह सौदा एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ है, जिससे रिलायंस ने एक मजबूत और रणनीतिक निवेश किया है। इस निवेश के द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज भविष्य में इस क्षेत्र में प्रमुख औद्योगिक विकास की दिशा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
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