उत्तर प्रदेश का 2025-26 बजट: आबकारी शुल्क से 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह लक्ष्य
उत्तर प्रदेश में आज यानि गुरुवार को योगी सरकार का 9वां बजट पेश किया गया. वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए बजट पेश किया है. इस बार 8 लाख करोड़ से ज्यादा का यूपी बजट पेश किया गया है. आबकारी शुल्क से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 63 हजार करोड़ रुपये (63,000 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है. राज्य वस्तु एवं सेवा कर तथा मूल्य संवर्धित कर से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 01 लाख 30 हजार 425 करोड़ रुपये (1,30,425 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है. स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 38 हजार 150 करोड़ रुपये (38,150 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है. स्टाम्प एवं पंजीकरण से राजस्व संग्रह का लक्ष्य 38 हजार 150 करोड़ रुपये (38,150 करोड़ रुपये) निर्धारित किया गया है.
वित्तीय वर्ष का बजट अनुमान 2025-2026
● प्रस्तुत बजट का आकार 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) है.
● बजट में 28 हजार 478 करोड़ 34 लाख रुपये (28,478.34 करोड़ रुपये) की नई योजनाएं सम्मिलित की गई हैं.
● कुल प्राप्तियां 07 लाख 79 हजार 242 करोड़ 65 लाख रुपये (7,79,242.65 करोड़ रुपये) अनुमानित है.
● कुल प्राप्तियों में 06 लाख 62 हजार 690 करोड़ 93 लाख रुपये (6,62,690.93 करोड़ रुपये) की राजस्व प्राप्तियां और 01 लाख 16 हजार 551 करोड़ 72 लाख रुपये (1,16,551.72 करोड़ रुपये) की पूंजीगत प्राप्तियां सम्मिलित हैं.
● राजस्व प्राप्तियों में कर राजस्व का अंश 05 लाख 50 हजार 172 करोड़ 21 लाख रुपये (5,50,172.21 करोड़ रुपये) है. इसमें स्वयं का कर राजस्व 02 लाख 95 हजार करोड़ रुपये (2,95,000 करोड़ रुपये) तथा केन्द्रीय करों में राज्य का अंश 02 लाख 55 हजार 172 करोड़ 21 लाख रुपये (2.55.172.21 करोड़ रुपये) सम्मिलित है.
● कुल व्यय 08 लाख 08 हजार 736 करोड़ 06 लाख रुपये (8,08,736.06 करोड़ रुपये) अनुमानित है.
● कुल व्यय में 05 लाख 83 हजार 174 करोड़ 57 लाख रुपये (5,83,174.57 करोड़ रुपये) राजस्व लेखे का व्यय है और 02 लाख 25 हजार 561 करोड़ 49 लाख रुपये (2,25,561.49 करोड़ रुपये) पूंजी लेखे का व्यय है.
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