मानसिक चिकित्सालय में स्टाफ नियुक्ति में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगा जवाब
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ मानसिक चिकित्सालय में डॉक्टरों और स्टाफ की भर्ती में हो रही देरी पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। मुख्य सचिव को जवाब देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अस्पताल में सिर्फ दो वार्ड बॉय की मौजूदगी पर भी चिंता जताई है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को होगी।
नियुक्ति को लेकर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए- कोर्ट
कोर्ट ने कहा कि 22 अगस्त 2024 से अब तक चार सुनवाई हो चुकी हैं। लेकिन मानसिक चिकित्सकों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राज्य सरकार ने पहले जानकारी दी थी कि अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ाकर 200 की जाएगी। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। लेकिन अब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी पेश नहीं की गई है।
हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करनी होगी। अब कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव को इस मामले में हलफनामे के जरिए जवाब देने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल 2025 को होगी।
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