रुपया की मजबूती ने विदेशी मेहमानों को चौंकाया, शंघाई से न्यूयॉर्क तक फैल रही चर्चा
बीते कई महीनों से विदेशी मेहमान यानी फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स लगातार शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे थे. जिसकी वजह से डॉलर में तेजी और रुपए में गिरावट देखने को मिल रही थी. लेकिन गुरुवार को एफआईआई ने शेयर बाजार में 3200 करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. जिसकी वजह से रुपए में शुक्रवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली है. रुपया भले ही 86 के लेवल के ऊपर आ गया है. अब आने वाले दिनों में ये 86 के नीचे भी आराम से जा सकता है. एफआईआई के इस एक्शन की वजह से शंघाई से लेकर न्यूयॉर्क सब हैरान हो गए हैं.
विदेशी निवेशकों का रुख अब चीन से हटकर भारत की ओर बढ़ने की संभावानाओं में इजाफा हो गया है. वहीं दूसरी ओर डॉलर इंडेक्स में गिरावट से न्यूयॉर्क का फाइनेंशियल सेक्टर परेशान है. अगर आने वाले हफ्ते में विदेशी निवेशकों का रुख भारत के शेयर बाजार में पॉजिटिव रहता है तो इसमें कोई शक नहीं कि रुपया एक बार फिर से 85 और उससे नीचे भी जा सकता है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मौजूदा समय में रुपए को लेकर सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन किस तरह के आंकड़े देखने को मिले हैं.
रुपए में जबरदस्त उछाल
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे बढ़कर 86.19 पर पहुंच गया, जो घरेलू शेयर बाजार में इजाफा और विदेशी निवेशकों के निवेश की वजह से है. विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि एफपीआई द्वारा इक्विटी के संबंध में सप्ताह के दौरान दूसरी बार शुद्ध खरीदार बनने और डेट में भारी खरीदारी करने के कारण रुपया मजबूत हो रहा है. इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 86.26 पर खुला, फिर कुछ बढ़त के साथ 86.19 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद से 17 पैसे अधिक था. गुरुवार को रुपया मजबूत रहा और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसे बढ़कर 86.36 पर बंद हुआ. यह लगातार 6वां दिन है जब करेंसी मार्केट में रुपए में तेजी देखने को मिल रही है. इस दौरान रुपए में एक रुपए से ज्यादा की तेजी देखने को मिल चुकी है.
विदेशी निवेशकों ने कितना किया निवेश
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर, भारतीय रुपए में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जो अमेरिकी फेड की बैठक की प्रतिक्रिया थी, जबकि मजबूत एफआईआई प्रवाह से भी इसे मजबूती मिली. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को शुद्ध आधार पर 3,239.14 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. पाबारी ने कहा कि कई सप्ताह तक निकासी के बाद, विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी में 3,200 करोड़ रुपए से अधिक और डेट मार्केट में 5,500 करोड़ रुपये का निवेश किया, जो भारत के 3.028 प्रतिशत के उच्च वास्तविक प्रतिफल से प्रेरित था.
डॉलर इंडेक्स और शेयर बाजार में इजाफा
इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला अमेरिकी डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत बढ़कर 103.98 पर कारोबार कर रहा था. ग्लोबल मार्केट में खाड़ी देशों का ब्रेंट क्रूड कारोबार में 0.44 प्रतिशत बढ़कर 72.32 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. पाबरी ने कहा कि मौजूदा बाजार की गतिशीलता को देखते हुए, निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर-रुपए की जोड़ी 86.00 और 86.80 के बीच कारोबार करने की उम्मीद है. हालांकि, मौजूदा ग्लोबल प्रतिकूल परिस्थितियों के साथ 86.50-86.60 की सीमा की ओर थोड़ा उछाल आने की उम्मीद है. घरेलू शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ अंक बढ़कर 76,923.57 अंक पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 170 अंक यानी बढ़कर 23,359.85 अंक पर था.
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