मदन राठौड़ का सियासी वार: तिरंगा यात्रा में सीजफायर मुद्दे पर कांग्रेस को लपेटा
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर सेना के शौर्य, पराक्रम का आभार प्रकट करने के लिए राजस्थान के जोधपुर शहर में सर्वसमाज द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। जालोरी गेट सर्कल से रवाना होकर भीतरी क्षेत्र से होते हुए घण्टाघर पर यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंचारिया ने शपथ दिलाई।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने तिरंगा यात्रा को हरी झण्डी दिखाते हुए आरम्भ किया। तिरंगा यात्रा के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के समझौते को उजागर न करना कूटनीति का विषय है, कांग्रेस नेताओं का यह समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र भक्ति पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए समान रूप से जरूरी है। कांग्रेस नेताओं को भी इसमें शामिल होना चाहिए था।
ये रहे आकर्षण
- * एनसीसी की सभी छह बटालियन के करीब 500 से अधिक सदस्यों ने हाथों में 72 मीटर लम्बा तिरंगा झण्डा थामा।
- * छोटी बच्चियों ने भारतमाता की वेशभूषा धारण किए हुए हाथ में त्रिशूल धारण किए।
- * 60 से अधिक झांकियां सम्मिलित हुई।
- * महाराणा प्रताप, छत्रपति सांभाजी, सुभाष चन्द्र बोस, झांसी की रानी, मंगल पांडे, वीर सावरकर, शहीद भगत सिंह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अजीत डोभाल, कर्नल सोफिया कुरैशी, विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ऑपरेशन सिंदूर की झांकी आकर्षक रही।
कई जगह पुष्प वर्षा से स्वागत
यात्रा का एक मीनार मस्जिद सहित कई स्थानों पर पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया। गर्मी को देखते हुए व्यापारियों द्वारा जगह-जगहों पर पानी की व्यवस्था कर तिरंगा यात्रा का अभिनन्दन किया।
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