सीतारमण ने सोमनाथ भारती को घेरा: 'पत्नी के मानहानि केस में खुद वकील नहीं बन सकते'
नई दिल्लीः केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि मामले पर सुनवाई के दौरान राऊज एवेन्यू कोर्ट से कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती अपनी पत्नी लिपिका मित्रा की ओर से पेश नहीं हो सकते हैं. एडिशनल जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास पारस दलाल ने लिपिका मित्रा की याचिका पर अगली सुनवाई 16 जुलाई को करने का आदेश दिया.
आज सुनवाई के दौरान निर्मला सीतारमण की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि सोमनाथ भारती बतौर वकील अपनी पत्नी की ओर से पेश नहीं हो सकते हैं. हुसैन ने कहा कि सोमनाथ भारती का पेश होना हितों के टकराव का मामला है और सोमनाथ भारती को अपना वकालतनामा वापस ले लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर भारती ऐसा नहीं करते हैं तो बार काउंसिल ऑफ इंडिया से इसकी शिकायत की जाएगी.
"सीतारमण को याचिका की कॉपी उपलब्ध कराएं"
बता दें कि कोर्ट ने 12 जून को लिपिका मित्रा के वकील को निर्देश दिया था कि वो निर्मला सीतारमण को याचिका की प्रति उपलब्ध कराएं. कोर्ट ने 23 मई को लिपिका मित्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्मला सीतारमण को नोटिस जारी किया था. लिपिका मित्रा ने याचिका दायर कर कहा है कि निर्मला सीतारमण ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपमानजनक बयान दिया.
याचिका में कहा गया है कि निर्मला सीतारमण ने 17 मई 2024 को राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती के बीच वैवाहिक विवाद का जिक्र किया. याचिका में कहा गया है सीतारमण का बयान सोमनाथ भारती की छवि को खराब करने की कोशिश के तहत किया गया ताकि वे 2024 के आम चुनावों में जीत नहीं सकें.
सोमनाथ भारती 2024 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार थे. लिपिका मित्रा का कहना है कि निर्मला सीतारमण के बयान का एकमात्र उद्देश्य सोमनाथ भारती को राजनीतिक रुप से नुकसान पहुंचाना था. उनके बयान से याचिकाकर्ता आहत हो गयी. याचिका में मांग की गई है कि निर्मला सीतारमण को ऐसे बयान देने से रोका जाए और उन्होंने जो बयान जारी किया था उसे वापस लिया जाए.
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