जडेजा की 89 रन की पारी के बाद विवाद, BCCI नियम उल्लंघन पर फंसे
टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी कर आलोचकों की बोलती बंद कर दी। भारतीय स्टार शतक से चूक गए। उन्होंने 137 गेंदों का सामना किया और 89 न बनाए। हालांकि, मुकाबले के दूसरे दिन उन्होंने बीसीसीआई का एक नियम तोड़ दिया। ऐसे में अब देखना होगा कि उन्हें इसके लिए क्या सजा मिलती है।
टीम बस में करना होगा सफर
भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद बीसीसीआई ने नई गाइडलाइन जारी की थी। इसमें टीम के सभी सदस्यों को टीम बस से ही यात्रा करनी होगी। प्लेयर अपने वाहन से मैदान नहीं पहुंच सकते थे। हालांकि, जडेजा अकेले ही मैदान पर पहुंच गए। एजबेस्टन टेस्ट के पहले दिन रवींद्र जडेजा 41 रन बना चुके थे।
ऐसे में जडेजा दूसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले ही अकेले मैदान पर पहुंच गए और उन्होंने जमकर बल्लेबाजी कर अभ्यास किया। इसका असर दूसरे दिन उनकी बल्लेबाजी में भी देखने को मिला। उन्होंने कप्तान शुभमन गिल के साथ 203 रन की पार्टनरशिप की। इसके चलते भारतीय टीम ने पहली पारी में 587 स्कोर किया। चूकिं, जडेजा ने टीम के हित में नियम तोड़ा है, ऐसे में उन पर कोई जुर्माना लगने की संभावना नहीं है।
अतिरिक्त बल्लेबाजी की जरूरत थी
जडेजा ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कहीं न कहीं मुझे लगा कि मुझे अतिरिक्त बल्लेबाजी करनी चाहिए, क्योंकि गेंद अभी भी नई थी। मुझे लगा कि अगर मैं नई गेंद को देख पाऊं तो बाकी की पारी आसान हो जाएगी। सौभाग्य से मैं लंच तक बल्लेबाजी कर सका और फिर वॉशिंगटन सुंदर ने भी शुभमन के साथ अच्छी बल्लेबाजी की। इंग्लैंड में आप जितनी अधिक बल्लेबाजी करेंगे, उतना ही बेहतर होगा, क्योंकि आपको कभी नहीं लगता कि आप यहां टिके हुए हैं। किसी भी समय गेंद स्विंग कर सकती है, आपका किनारा ले सकती है या आपको बोल्ड कर सकती है।"
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