जॉब कार्ड के लिए पंचायतों में भीड़, आवास योजना की शर्तों ने बदली तस्वीर
प्रयागराज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सेल्फ सर्वे अभियान ने गांवों में जॉब कार्ड धारकों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है। जैसे ही सरकार ने योजना के लिए पात्रता तय करने के लिए सेल्फ सर्वे का विकल्प उपलब्ध कराया, बड़ी संख्या में ग्रामीणों में जॉब कार्ड बनवाने की होड़ लग गई।
ज्यादातर पंचायतों में देखने को मिल रहा है कि पहले जिन लोगों को जॉब कार्ड की आवश्यकता नहीं थी, वे अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए इसे बनवा रहे हैं। ग्राम रोजगार सेवकों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के ऑनलाइन सेल्फ सर्वे लिंक के जरिए जैसे ही ग्रामीणों को आवेदन करने का विकल्प मिला, तब से जॉब कार्ड के लिए आवेदनों की बाढ़ आ गई है।
ब्लाक की ग्राम पंचायत बरई हरख में 244 लोगों के नाम जॉब कार्ड जारी किया गया इसी तरह बेरावां में 88 पश्चिमनारा में 43 सिंगरौर उपहार में 44 आनापुर में 34 लोगों का जॉब कार्ड जारी किया गया कमोबेश यही स्थिति ज्यादातर गांव में देखने को मिलेगी जबकि जॉब कार्ड मनरेगा मजदूरों का बनाया जाता है, लेकिन आवास के सेल्फ सर्वे में जॉब कार्ड की जरूरत ने ग्राम पंचायत में जॉब कार्ड की मांग बढ़ा दी यह बढ़ोत्तरी केवल कुछ माह के भीतर की गई है।
ग्रामीणों का मानना है कि जब तक जॉब कार्ड नहीं रहेगा, तब तक किसी भी योजना, खासकर आवास योजना में नाम शामिल नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जॉब कार्ड जांच की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाए, ताकि अपात्र लोग योजना का लाभ न ले सकें और असली जरूरतमंदों को उनका हक मिल सके।
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