शेयर बाजार में फिर आने वाला है नया मोड़…
शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट में अब नया मोड़ आता दिख रहा है। बीते दिनों में दुनियाभर के शेयर बाजारों के साथ घरेलु स्टाक मार्केट में भी गिरावट आई थी। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी आर्थिक नीतियां वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता कारण रही।
टैरिफ के ऐलान ने पहले बाजार को डराया। फिर अमल पर रोक ने बाजार को राहत दी। 10 जुलाई से ट्रंप का अगला कदम साफ होता। उससे पहले चीन के साथ अमेरिकी ट्रेड डील होने की खबरें मार्केट में आ चुकी हैं।
भारत से भी ट्रेड डील जल्द ही फाइनल होने की खबर है। हालांकि बाजार अभी भी उतना आश्वस्त नहीं दिखता क्योंकि अमेरिका की नीति फिर कब करवट ले ले, इस बारे में कोई निश्चित तौर पर नहीं बोल सकता।
आगे अमेरिका व अन्य बाजारों से आने वाले आंकड़ों, इंडस्ट्रियल ग्रोथ की दर और फेडरल रिजर्व की नीतियों का भी इंतजार बाजार को है। ट्रंप फेडरल रिजर्व के लिए भी मोर्चा खोल चुके हैं। ऐसे में आगे का समय भी बाजार के लिए उठापटक भरा रहने वाला है।
निवेशकों को चाहिए कि वे सावधान और सचेत बने रहें। पुराने निवेशक यदि अभी उन्हें मुनाफा दिख रहा है तो उसे भुना लें। साथ ही यदि पहले मुनाफा काटा है तो मौजूदा दौर में बाजार में दाखिल होने के लिए सही मौका चुने।
एक बात और याद रखें कि यदि आप लंबे समय के लिए निवेश का मन बना रहे हैं तो बाजार के अलग-अलग स्तरों पर लगातार अच्छे स्टाक खरीदते रहें। हर स्तर पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करें। दूसरी ओर सोने में निवेश इस समय समझदारी नहीं कहा जा सकता। सोना अब भी अनिश्चितता से भरा दिख रहा है।
ताजा उच्च स्तरों पर सोने में खरीदी करने की बजाए अभी थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा।क्योंकि चीन-अमेरिकी संकट निपटने, शेयर बाजारों के सुधरने से सोने पर उल्टा असर पड़ेगा। यानी शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था बढ़ी तो सोना घटेगा। उस समय सोने में निवेश का निर्णय लिया जा सकता है।
होर्मुज जलमार्ग में बड़ा घटनाक्रम, भारत की भूमिका पर नजर
नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद दिल्ली रवाना हुए सीएम
ईरानी सेना का बयान, अमेरिका को सीधे संदेश के रूप में देखा गया
लंदन में सजा भारत का दरबार, “Icons of India” प्रदर्शनी का भव्य आगाज
मोहल्लेवासियों ने दिखाई बहादुरी, हमलावरों को पकड़ा
बिजली विभाग में ऐतिहासिक बीमा योजना, लाखों कर्मियों को राहत
Spirit Airlines Shutdown: अचानक बंद हुई एयरलाइन, हजारों कर्मचारियों पर संकट
महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप: भारतीय स्क्वॉड का ऐलान, चयनकर्ताओं ने जताया भरोसा
नई शिक्षा पहल, कोर्स में मोदी तत्व और RSS इतिहास शामिल