संत प्रेमानंद महाराज की सलामती के लिए मुस्लिम समाज ने दरगाह पर की अरदास
बैतूल। धार्मिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए बैतूल जिले में मुस्लिम समाज के लोगों ने वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। गुरुवार को समाज के लोगों ने पहलवान बाबा की दरगाह पहुंचकर चादर और फूल अर्पित किए तथा महाराज के दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की दुआ मांगी। इस अवसर पर उपस्थित युवाओं ने कहा कि धर्म से ऊपर मानवता है, और जब किसी संत या समाजसेवी की तबीयत बिगड़ती है, तो सबको मिलकर उनके लिए दुआ करनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, संत प्रेमानंद महाराज कुछ समय से पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज से पीड़ित हैं और नियमित रूप से डायलिसिस करवा रहे हैं। हाल ही में तबीयत बिगड़ने के बाद देशभर में उनके अनुयायी और भक्त उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। यह कदम बैतूल में आपसी सद्भाव और धार्मिक एकता की सुंदर मिसाल बन गया है। शेख सलीम ने बताया कि पहलवान बाबा की दरगाह पर चादर चढ़ाकर हमने प्रेमानंद महाराज के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की। शरीक खान ने कहा बैतूल के मुस्लिम समाज ने मिलकर प्रेमानंद महाराज के बेहतर स्वास्थ्य की कामना करते हुए चादर अर्पित की है।
कौन हैं प्रेमानंदजी महाराज
प्रेमानंद महाराज वृंदावन के एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत हैं, जो राधा रानी और भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए जाने जाते हैं। उनके प्रवचन और सरल जीवनशैली लाखों लोगों को प्रेरित करती है। वे राधा-वल्लभ संप्रदाय से संबंधित हैं और श्री हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा शुरू किए गए "सहचरी भाव" का प्रतीक माने जाते हैं। उनके प्रवचन प्रेम, करुणा और भक्ति मार्ग पर केंद्रित होते हैं। वे भक्तों को नाम जप करने और ईश्वर के साथ सीधा संबंध स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं। उनका आश्रम वृंदावन में परिक्रमा मार्ग पर स्थित श्री हित राधा केली कुंज है, जहां भक्त उनके सत्संग में शामिल होने आते हैं।
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण