नवरात्र से दिवाली तक डिजिटल इंडिया की चमक, UPI ट्रांजैक्शन ने पकड़ी रफ्तार
व्यापार: त्योहारों में डिजिटल भुगतान में शानदार तेजी देखने को मिली है। इस महीने यूपीआई से 6 दिन एक-एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ है। आरटीजीएस से चार बार 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ। नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (एनईएफटी) और इमिडिएट पेमेंट ट्रांसफर यानी आईएमपीएस से भी इस दौरान चार बार 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन किया गया है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई से सबसे अधिक लेनदेन एक अक्तूबर को हुआ। इस दिन यूपीआई से 1.06 लाख करोड़ रुपये के 70.56 करोड़ लेनदेन हुए। 6 अक्तूबर को 67.68 करोड़ लेनदेन के जरिये 1.02 लाख करोड़ रुपये, 8 अक्तूबर को 70.03 करोड़ के जरिये 1.01 लाख करोड़ रुपये और 9 अक्तूबर को 70.96 करोड़ लेनदेन के तहत 1.02 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, 10 अक्तूबर को यूपीआई से 71.75 करोड़ लेनदेन हुए। इसमें एक लाख करोड़ का आदान-प्रदान हुआ। 18 अक्तूबर को यह बढ़कर 75.43 करोड़ और 1.02 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, 4 अक्तूबर को यह 69.69 करोड़ और 99,228 करोड़ रुपये व 15 अक्तूबर को 69.98 करोड़ और 99,092 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आईएमपीएस के जरिये आमतौर पर ज्यादा लेनदेन 20,000 करोड़ रुपये से कम होते हैं। लेकिन, त्योहारी सीजन में और खासकर दिवाली के दौरान इस महीने चार बार आईएमपीएस लेनदेन 25,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया।
आरटीजीएस से 11 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन
रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) से लेनदेन इस महीने 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। एक अक्तूबर को 9.85 लाख लेनदेन के जरिये 11 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। 9 अक्तूबर को लेनदेन 10.20 लाख करोड़, 13 अक्तूबर को 10.33 लाख करोड़ और 17 अक्तूबर को 10.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
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