क्या जानलेवा बन रहा एसआईआर? अब तक कई राज्यों के करीब 15 बीएलओ की मौत
नई दिल्ली। देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) अभियान के बीच बूथ लेवल अफसरों (बीएलओ) की मौतें चिंता का कारण बन रहीं हैं। सवाल ये है कि अब 6 राज्यों में 15 बीएलओ की मौत हो गई है। कारण जो भी रहे हों लेकिन मौत तो हुई है। इन काम का दबाव और कर्मचारियों का टोटा जैसे दिक्कतों से इनकार नहीं किया जा सकता है। बता दें कि निर्वाचन आयोग की शनिवार की रिपोर्ट के अनुसार बड़े राज्यों में राजस्थान में सर्वाधिक 60.54 प्रतिशत फॉर्म डिजिटलाइज हुए हैं। वहीं, केरल में सबसे कम 10.58 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल हो पाए हैं। कुल 98.98 प्रतिशत फॉर्म बंट चुके हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल के नदिया में बीएलओ रिंकू का शव घर की छत से लटका मिला। सुसाइड नोट भी मिला। राज्य में एसआईआर से जुड़ा दूसरा सुसाइड, तीसरी मौत है। राजस्थान के जयपुर में रविवार को बीएलओ मुकेश जांगिड़ (48) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी। करौली में बीएलओ की मौत। सवाई माधोपुर में एक बीएलओ को हार्ट अटैक। गुजरात में 4 दिन 4 बीएलओ की मौत अहमदाबाद में फारूक और दाहोद में बचूभाई बीमार, भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। भोपाल में दो बीएलओ को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। पश्चिम बंगाल में एक महिला बीएलओ ने भी आत्महत्या कर ली। मृतकों के परिजनों ने ज्यादा काम और लक्ष्य पूरा करने के दबाव को मौत का कारण बताया है।मप्र के रायसेन में शनिवार को बीएलओ रमाकांत पांडे की मौत हुई। परिजनों ने बताया कि योगेश चार रातों से नहीं सोया था। ऑनलाइन मीटिंग के बाद बेहोश होकर गिरा था। फिर बचाया नहीं जा सका। दमोह के सीताराम गोंड (50) भी फॉर्म भरते समय बीमार। इलाज के दौरान मौत। रायसेन के बीएलओ नारायण सोनी छह दिन से लापता हैं। परिजनों ने कहा, टारगेट, देर रात मीटिंग और निलंबन की चेतावनी से परेशान थे। भोपाल में शनिवार को काम कर रहीं बीएलओ कीर्ति कौशल और मोहम्मद लईक को ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक आया। दोनों भर्ती हैं। 6 नवंबर को दमोह में सड़क हादसे में श्याम शर्मा (45) की मौत। दतिया के उदयभान सिहारे (50) ने 11 नवंबर को खुदकुशी की।
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