मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बताए ड्रोन गिरने के कारण
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में पीएम मेादी ने कहा कि नवंबर का महीना कई ऐतिहासिक और प्रेरणादायी घटनाओं का साक्षी रहा। इस दौरान उन्होंने इसरो की ड्रोन प्रतियोगित के साथ ही 26 नवंबर को मनाए गए संविधान दिवस की भी चर्चा की।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि संविधान दिवस के अवसर पर केंद्रीय कक्ष में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके साथ ही वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में भव्य आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है। यहां उन्होंने यह भी बताया कि 25 नवंबर को अयोध्या के राम मंदिर में धर्म ध्वजा फहराई गई, जो एक महत्वपूर्ण क्षण रहा। मन की बात में पीएम मोदी ने इसरो की ड्रोन प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए युवाओं के नवाचार और जिज्ञासा की सराहना की। उन्होंने कहा, कि इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा, विशेषकर जेन-ज़ी, मंगल ग्रह जैसी परिस्थितियों में ड्रोन उड़ाने की चुनौती का सामना कर रहे थे। उन्होंने कहा, कि प्रतियोगिता के दौरान अक्सर ड्रोन उड़ते हुए अचानक गिर जाते थे, क्योंकि उनमें जीपीएस सपोर्ट बिल्कुल नहीं था। उन्होंने समझाया कि मंगल पर जीपीएस प्रणाली संभव नहीं है, इसलिए वहां ड्रोन को पूरी तरह अपने कैमरे और इन-बिल्ट सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहकर उड़ान भरनी होती है।
पीएम मोदी ने बताया कि प्रतियोगिता में पुणे की एक टीम विजेता बनी। उनका ड्रोन भी कई बार गिरा और क्षतिग्रस्त हुआ, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी। लगातार प्रयोग और सुधार के बाद वे मंगल जैसी परिस्थितियों में ड्रोन को सफलतापूर्वक नियंत्रित करने में कामयाब हुए। पीएम मोदी ने कहा कि यह वीडियो उन्हें उस दिन की याद दिलाता है जब चंद्रयान नेटवर्क से बाहर हो गया था और पूरा देश क्षणभर के लिए निराश हो गया था, लेकिन वैज्ञानिकों ने उसी दिन से चंद्रयान-3 की सफलता की नींव रखना शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि युवाओं का यही जज्बा विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धि भी बताई
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि भारत ने 357 मिलियन टन खाद्यान्न उत्पादन कर कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। एविएशन सेक्टर में भी देश ने नई छलांग लगाई है। मुंबई में आईएनएस महे को नौसेना में शामिल किया गया और स्कायरूट के ‘इन्फिनिटी कैंपस’ ने अंतरिक्ष इकोसिस्टम को नई गति प्रदान की है।
भारत जल्द कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा
पीएम मोदी ने खेल जगत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत जल्द ही कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा, जो देश की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने देशवासियों से नवाचार, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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