चुनावी रेवड़ी या महिला सम्मान? स्टालिन ने करोड़ों महिलाओं को दिए 5000 रुपये
चेन्नई। दक्षिण के राज्य तमिलनाडू के सीएम एम के स्टालिन ने महिलाओं के लिए बड़ी आर्थिक सहायता की घोषणा कर ‘कलाइग्नार मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना के तहत 1.31 करोड़ महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करवाए हैं। चेन्नई में जारी वीडियो संदेश में उन्होंने बताया कि फरवरी, मार्च और अप्रैल महीनों के लिए अग्रिम रूप से 3,000 रुपये (प्रति माह 1,000 रुपये) दिए गए हैं, जबकि 2,000 रुपये की अतिरिक्त ग्रीष्मकालीन विशेष सहायता भी प्रदान की गई है। सीएम स्टालिन ने स्पष्ट किया कि यह केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक योगदान का सम्मान है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ के तहत यदि उनकी पार्टी दोबारा सत्ता में आती है, तब वर्तमान 1,000 रुपये की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 2,000 रुपये किया जाएगा। तमिलनाडु में 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है और चुनाव 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित हैं। 2021 के चुनावों में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 133 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि एआईएमडीएमके को 66 सीटें मिली थीं। यह योजना सितंबर 2023 में शुरू की गई थी और शुरुआत में 1.13 करोड़ महिलाओं को इसका लाभ मिला था। बाद में इसका दायरा बढ़ाकर 1.31 करोड़ महिलाओं तक किया गया। स्टालिन सरकार का कहना है कि यह आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और परिवार की आय में सहयोग देने के उद्देश्य से दी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनाव से पहले इतनी बड़ी राशि का वितरण विपक्ष द्वारा ‘चुनावी रेवड़ी’ कहा जा रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रहा है। अब देखना यह होगा कि आगामी चुनावों में महिलाओं का समर्थन किस दिशा में जाता है।
दिल्ली से बड़ा सियासी झटका: राघव सहित सात AAP सांसद BJP में, संजय सिंह ने जताई नाराज़गी
हजारों परिवारों का ‘घर का सपना’ होगा पूरा
चुनावी रैली में मोदी का आत्मविश्वास, बोले- 4 मई के बाद सत्ता हमारी
ED की छापेमारी से मचा हड़कंप, भुल्लर केस में जांच तेज
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है यह प्यारी झलक
US ने ड्रग्स नेटवर्क पर कसा शिकंजा, समुद्र में नाव पर हमला, 3 की मौत
कहा—“उनसे ज्यादा खूबसूरत मुझे कोई नहीं लगा”
राजनीति में हलचल: संदीप पाठक और राघव चड्ढा अब भाजपा सांसद