महायुद्ध की लपटें हिंद महासागर तक, Rahul Gandhi ने सरकार को घेरा और उठाए सवाल 🔥🌍
नई दिल्ली। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले जारी हैं। वहीं ईरान भी इजराइल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। यह महायुद्ध अब हिंद महासागर तक पहुंच गया है। हिंद महासागर में अमेरिका ने ईरान के युद्धपोत को निशाना बनाया है, जिसमें 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। मिडिल ईस्ट इस वक्त युद्ध की पीड़ा झेल रहा है, जिसकी आहट भारत में भी महसूस होने लगी है। भारत का सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने इस मामले में पीएम मोदी को घेरा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा है कि भारत की तेल सप्लाई खतरे में है, हमारा 40फीसदी से ज्यादा इम्पोर्ट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए हालत और भी खराब हैं। ऐसे समय में हमें एक मजबूत हाथ की जरूरत है, लेकिन भारत के पास एक समझौता करने वाला पीएम है जिसने हमारी स्ट्रेटेजिक आजादी को छोड़ दिया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है। समुद्री क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां सामने खड़ी हैं। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है।
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने से संघर्ष भारत की दहलीज तक पहुंच गया, लेकिन पीएम मोदी ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में कमान एक स्थिर हाथ में रहने की जरुरत होती है। राहुल ने आरोप लगाया कि इसके बजाय, भारत के पास एक समझौतावादी पीएम हैं जिन्होंने हमारी सामरिक स्वायत्तता का समर्पण कर दिया है।
भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
सफलता का मंत्र: पूर्व दिशा में सिर रखकर सोने से आती है वैचारिक स्पष्टता और ऊर्जा
विज्ञान के परे विश्वास: पानी में नहीं डूबता यह भारी पत्थर, श्रद्धालु मानते हैं साक्षात चमत्कार
अक्षय तृतीया आज: खरीदारी का महामुहूर्त, जानें पूजा विधि और महत्व
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े