भोपाल में RSS सम्मेलन: समन्वय वर्ग में दिग्गजों की भागीदारी तय
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर बड़े संगठनात्मक कार्यक्रम की मेजबानी करने जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का दो दिवसीय समन्वय वर्ग यहां आयोजित होने वाला है, जिसमें कई बड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।4 और 5 अप्रैल को होने वाला यह कार्यक्रम सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि आने वाले समय की रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। इसमें संघ और उसके सहयोगी संगठनों के बीच तालमेल और दिशा तय की जाएगी।
क्या है RSS समन्वय वर्ग और इसका उद्देश्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का समन्वय वर्ग एक विशेष बैठक होती है, जिसमें संघ और उसके आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी एक साथ बैठकर चर्चा करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य सभी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और आने वाले कार्यक्रमों की योजना बनाना होता है। भोपाल में होने वाला यह RSS समन्वय वर्ग खास इसलिए भी है क्योंकि इसमें संघ शताब्दी वर्ष को लेकर भी चर्चा की जाएगी।
इन बड़े नेताओं और संगठनों की होगी भागीदारी
इस RSS समन्वय वर्ग में कई बड़े नेता और संगठन शामिल होंगे। हेमंत खंडेलवाल भी इस कार्यक्रम में शामिल रहेंगे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती, संस्कार भारती जैसे कई संगठनों के पदाधिकारी भी इसमें भाग लेंगे। यह सभी संगठन मिलकर आगे की रणनीति और कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।
संघ शताब्दी वर्ष और पंच परिवर्तन पर होगा फोकस
इस समन्वय वर्ग में संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। पंच परिवर्तन जैसे विषयों पर भी विस्तार से मंथन होगा, जिसमें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके अलावा संघ की कार्यपद्धति और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।
बौद्धिक और शारीरिक सत्र भी होंगे आयोजित
इस दो दिवसीय कार्यक्रम में सिर्फ चर्चा ही नहीं, बल्कि बौद्धिक और शारीरिक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे। दीपक विस्पुते और मनमोहन वैद्य जैसे वरिष्ठ पदाधिकारी भी किसी सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हो सकते हैं। इन सत्रों के जरिए कार्यकर्ताओं को संगठन की विचारधारा और कार्यशैली के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
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