बायजू की ईजीएम के विरोध में निवेशकों का एक समूह एनसीएलटी पहुंचा
मुंबई । एजुटेक कंपनी बायजू को संचालित करने वाली कंपनी थिंक एंड लर्न के शेयरधारकों की 29 मार्च को असाधारण आम सभा (ईजीएम) बुलाने को लेकर कुछ निवेशकों ने इसका विरोध कंपनी न्यायाधिकरण एनसीएलटी में किया है, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल सकी। सूत्रों ने कहा कि 29 मार्च को ईजीएम बुलाने के फैसले का कुछ निवेशकों ने विरोध करते हुए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की बेंगलुरु पीठ के समक्ष अर्जी लगाई है। लेकिन ईजीएम पर रोक लगाने की मांग पर उन्हें राहत नहीं मिली है। खबर के मुताबिक न्यायाधिकरण ने इस मामले को 28 मार्च की सुनवाई के लिए लिस्टेड कर दिया है। हाल ही में 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राइट्स इश्यू लाए जाने के बाद कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी बढ़ाने के लिए बायजू ने 29 मार्च को ईजीएम बुलाई है। इस संबंध में बायजू और कुछ प्रमुख निवशकों को भेजे गए सवालों का कोई जवाब नहीं मिला है। बायजू के चार निवेशकों के एक समूह ने एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ के समक्ष कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ उत्पीड़न और कुप्रबंधन का मुकदमा दायर किया है। मुकदमा में कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) बायजू रवींद्रन और दूसरे संस्थापकों को बाहर करने और एक नया बोर्ड नियुक्त करने की मांग की गई है। इसके अलावा मुकदमे में हाल ही में खत्म हुए अधिकार मुद्दे को शून्य घोषित करने की भी मांग की गई। बता दें, पिछले महीने ही बायजू के निवेशकों ने कंपनी पर अमेरिका में एक अस्पष्ट हेज फंड में 53.3 करोड़ डॉलर की हेराफेरी करने के साथ ही 20 करोड़ डॉलर के राइट्स इश्यू पर रोक लगाने की अपील की थी।
महाराष्ट्र में ट्रक ऑपरेटरों का आंदोलन, किराया दरों और टैक्स पर विवाद
नीतीश कुमार का राजनीतिक इतिहास: छात्र राजनीति से मुख्यमंत्री तक
एसबीआई का मेगा भर्ती अभियान, चेयरमैन बोले- हर साल 16000 नए कर्मचारियों को जोड़ने का लक्ष्य
फैशन स्टेटमेंट था या कोई धार्मिक वजह, क्यों विजय-रश्मिका के वेडिंग रिसेप्शन में नंगे पैर पहुंचे राम चरण?
37 साल बाद फिर केंद्र की राजनीति में Nitish Kumar की चर्चा तेज
इंदौर में रंगपंचमी पर हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना, संवेदनशील स्थानों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम
रायपुर ग्रामीण में होली बनी खौफनाक, तीन हत्याएं, तिल्दा में चाकू से हमला
राज्यसभा चुनाव में Laxmi Verma ने दाखिल किया नामांकन, सीएम Vishnu Deo Sai रहे साथ
पश्चिम एशिया संघर्ष लंबा खिंचा तो क्या होगा? इस रिपोर्ट ने जताई ऐसी आशंका