डीएमफ मद से बलरामपुर में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार डीएमफ मद का स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में बेहतरी के लिए उपयोग किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा बलरामपुर में गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए इस मद से जिला चिकित्सालय बलरामपुर में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है।
गौरतलब है कि जिला अस्पताल बलरामपुर में लम्बे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ के अभाव में गर्भवती माताओं को सुरक्षित प्रसव और चिकित्सीय सलाह और इलाज के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता था, परन्तु अब यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होने से गर्भवती माताओं को अपने जिले में ही इलाज की बेहतर सुविधा प्राप्त हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिला खनिज न्यास मद से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम मित्रा (डीएनबी) की नियुक्ति हुई है, जिन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है। अस्पताल में लम्बे समय से बंद पड़े सर्जरी विभाग फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं होने से जिले के गर्भवती माता जिन्हें ऑपरेशन की जरुरत पड़ती थी उन्हें अंबिकापुर जिला अस्पताल भेजा जाता था, लेकिन अब यह सुविधा जिला अस्पताल बलरामपुर में ही शुरू हो गयी है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम मित्रा के द्वारा जिला चिकित्सालय बलरामपुर के प्रसूति वार्ड में भर्ती 25 वर्षीय नीलम मिंज का मेजर सर्जरी किया गया, जो सफल रहा। माँ और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं, बच्चे का वजन लगभग 3.2 किलोग्राम है जोे चिकित्सकों के निगरानी में है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. शशांक गुप्ता ने कहा कि जिला अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति होना जिले के लिए उपलब्धि है। स्त्री रोग विशेषज्ञ के आ जाने से जिले के सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव और उपचार की बेहतर सुविधा मिल रही है।
‘प्रधानमंत्री भी नोटिस देकर बोलते हैं’, ओम बिरला का विपक्ष को संदेश
मां ने उठाया खौफनाक कदम, चार बेटियों के साथ पांच मौतों से सनसनी
टैरिफ विवाद के बीच US-China Trade में गिरावट
शुगर और बीपी मरीजों को किडनी रोग का ज्यादा खतरा
महाकाल मंदिर में पीएनजी गैस पर बन रहा भोजन प्रसाद
LPG संकट को लेकर विपक्ष का वॉकआउट
अफीम खेती मामले में बड़ी कार्रवाई, माफिया अब भी फरार
फर्जी निकला IAS बनने का दावा, 113वीं रैंक किसी और को मिली