किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए हो सकती हैं बड़ी घोषणाएं
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को विपक्ष की मौजूदगी के बगैर ही शुरू हुआ। पहले ही दिन तत्कालीन आम आदमी पार्टी सरकार से जुड़ी 6 कैग और 3 पीएसी रिपोर्ट सदन में पेश की गईं, जिनमें कई अनियमितताओं और कमियों की ओर इशारा किया गया है। इन रिपोर्टों पर 25 मार्च को विस्तार से चर्चा होगी, जबकि मंगलवार यानी आज दिल्ली का बजट पेश किया जाएगा। आम आदमी पार्टी ने बजट सत्र के पहले दिन ही सदन से बायकॉट किया। पार्टी ने चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह का सदन से निलंबन जारी रखने के फैसले का विरोध किया। इन विधायकों को पांच जनवरी 2026 को शीतकालीन सत्र के दौरान उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण में हंगामे के आरोप में मार्शल आउट कर निलंबित किया गया था। विधानसभा अध्यक्ष ने इनका निलंबन जारी रखा है। सदन में पेश की गईं दोनों रिपोर्टों में पिछली सरकार के कामकाज, खासकर वित्तीय अनियमितताओं, मोहल्ला क्लीनिक और विश्वविद्यालयों की स्थिति जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट में वित्तीय गड़बड़ियों और प्रशासनिक कमजोरियों का भी जिक्र है। फांसी घर मामले में विशेषाधिकार समिति की दूसरी अंतरिम रिपोर्ट भी पेश की गई।
प्रधानमंत्री के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पास
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने (8931 दिन) के रिकॉर्ड पर भी कई मंत्रियों और विधायकों ने चर्चा की। मंत्री आशीष सूद, मंजिंदर सिंह सिरसा, प्रवेश साहिब सिंह, विधायक कुलवंत राणा और राजकुमार भाटिया ने इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को बधाई दी और उनके नेतृत्व की सराहना की। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीति की कई परिभाषाएं बदल दी हैं। उन्होंने ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन का पूरा समर्थन मिला। अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पीएम का यह रिकॉर्ड उनकी 25 साल की निरंतर जनसेवा का प्रतीक है।
नकली खाद्य पर बने कड़ा कानून
नियम 280 के तहत विधायकों ने कई अहम मुद्दे उठाए। खासतौर पर नकली दूध, पनीर, घी और दवाइयों का मामला सदन में जोर-शोर से उठा। विधायक कुलवंत राणा ने फूड इंस्पेक्टर और लैब की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले 10 साल में 2-3 लाख नकली खाद्य पदार्थों के मामले सामने आए हैं। उन्होंने इस पर कड़े कानून बनाने की मांग की।
सीएम बोलीं- अब बदलेगी दिल्ली की तस्वीर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनका दूसरा बजट राजधानी के लोगों के जीवन में ठोस बदलाव लाने वाला होगा। सीएम ने सोमवार को पारंपरिक खीर सेरेमनी के साथ विधानसभा का बजट सत्र शुरू कराया। मुख्यमंत्री ने कहा, यह बजट विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली का संकल्प है। सीएम ने कहा पिछले साल दिल्ली की दिशा बदलने से शुरुआत की अब इसकी दशा सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि मंगलवार को पेश होने वाला दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ से ज्यादा का हो सकता है। सीएम ने कहा, खीर सेरेमनी समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। ये परंपरा नहीं, बल्कि जनता के कल्याण और विकास के संकल्प का संकेत है। कार्यक्रम में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी रही। किसान, स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक, डॉक्टर, किन्नर समाज के सदस्य, महिला ड्राइवर और मीडियाकर्मी भी इसमें शामिल हुए। किसानों ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का ये दूसरा बजट दिल्ली के विकास को नई गति देगा। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने के साथ-साथ लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा। उन्होंने साफ किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और हरित वातावरण इस बजट की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनका विकसित दिल्ली, हरित दिल्ली केवल नारा नहीं, बल्कि सरकार का स्पष्ट विजन है। मौके पर कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद, मंजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्राज सिंह और कपिल मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सदन छोड़कर प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ
आम आदमी पार्टी के विधायकों के सदन का बहिष्कार करने के कदम पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सदन के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करना संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सदन ही वह मंच है, जहां महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और संवाद होना चाहिए। ऐसे में बजट सत्र जैसे अहम मौके पर विपक्ष का सदन से दूरी बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बजट पर चर्चा के दौरान विपक्ष की भागीदारी अनिवार्य होती है। इसके बजाय बाहर प्रदर्शन करना गलत परंपरा को बढ़ावा देता है। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछले सत्र से ही नेता प्रतिपक्ष सदन की कार्यवाही में शामिल नहीं हो रही हैं, जो चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, सदन में उपस्थित न रहना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने जैसा है। अध्यक्ष ने कहा कि सोमवार को सदन में कई महत्वपूर्ण रिपोर्टें पेश की गईं, जिन पर विपक्ष को अपनी बात रखनी चाहिए थी। उन्होंने चेयर की अवमानना और बार-बार व्यवधान डालने को भी निंदनीय बताया।
IPL से पहले बड़ा झटका, विकल्पों की तलाश शुरू
जिला पंचायत अध्यक्ष का धरना जैसा इंतजार, कलेक्टर से नहीं हो सकी मुलाकात
नवरात्रि में महंगाई का असर, सेब और अंगूर के दाम बढ़े
SRH ने टीम में जोड़ा टी20 का धुरंधर गेंदबाज
उप मुख्यमंत्री बोले—युवाओं के भविष्य से समझौता नहीं
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच तालमेल की जरूरत
महाकाल लोक के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात
‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ को लेकर खास उत्साह, बड़ी ओपनिंग की उम्मीद
आमिर खान ने भविष्य में बेहतर कंटेंट देने की कही बात