धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर धार्मिक समुदाय में असहमति
महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान के दौरान भगदड़ मच गई थी और कई लोगों की मौत हो गई थी. इसी के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने बयान दिया था कि सभी को मोक्ष की प्राप्ति हुई है. हालांकि, अब धीरेंद्र शास्त्री के बयान से उन के गुरु रामभद्राचार्य ने किनारा कर लिया है ,गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, धीरेंद्र शास्त्री की बातें ठीक नहीं है| गुरु रामभद्राचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान से किनारा कर लिया है. धीरेंद्र शास्त्री ने महाकुंभ में मौनी अमावस्या के मौके पर मची भगदड़ में मारे गए लोगों को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि सभी को मोक्ष की प्राप्ति हुई है. इस पर अब गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, धीरेंद्र शास्त्री को मोक्ष का ज्ञान नहीं है|
महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के मौके पर अमृत स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी. इसी के बाद वहां पर रात 3:30 बजे भगदड़ मच गई. भगदड़ में 49 लोगों की मौत हो गई है, जिसमें 25 लोगों की पहचान चुकी है, जबकि 24 अज्ञात लोगों की लिस्ट भी जारी की गई है. वहीं, कई लोग घायल भी हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि भगदड़ वाले दिन लोगों कि भूल थी और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई है|
गुरु रामभद्राचार्य ने किया धीरेंद्र के बयान से किनारा
धीरेंद्र शास्त्री के गुरु रामभद्राचार्य ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है. गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, धीरेंद्र शास्त्री की बातें ठीक नहीं है, मृतकों के परिवार के साथ संवेदना है. साथ ही उन्होंने कहा, धीरेंद्र शास्त्री को मोक्ष का ज्ञान नहीं है. मौनी अमावस्या के दिन भी गुरु रामभद्राचार्य ने लोगों से सुरक्षित रहने और अपने पास वाले घाट पर ही स्नान करने की अपील भी की थी|बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने महाकुंभ में मची भगदड़ में मरने वालों को लेकर एक बयान दिया था, जो खूब सुर्खियों में रहा था. बाबा ने कहा था कि जो लोग गंगा के किनारे मरे हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई है. इसी के साथ जहां कई साधु-संत उनकी इस बात पर हामी भरते हुए नजर आए थे, वहीं, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने उनके इस बयान से किनारा कर लिया है.
बाबा बागेश्वर ने कहा था कि देश में हर दिन कई लोगों की मौत हो रही है, कुछ दवाएं न होने की वजह से, कुछ स्वास्थ्य सेवाएं न होने की वजह से और कुछ हार्ट अटैक से मर जाते हैं. यह घटना बहुत ही निंदनीय है, लेकिन मृत्यु तो सभी को आनी है. हर किसी को एक दिन मरना है, लेकिन अगर कोई गंगा के किनारे मरेगा तो वो मरेगा नहीं, बल्कि मोक्ष पाएगा. बाबा बागेश्वर ने इस पर जोर देते हुए कहा कि जिनकी मृत्यु असमय हुई है उनके लिए दुख है, लेकिन उन्होंने मोक्ष हासिल किया है.
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