अमेरिकियों की प्राइवेसी में DOGE की दखल....
नई दिल्ली। अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को लाखों अमेरिकियों के सोशल सिक्योरिटी डेटा तक पहुंच की इजाजत दे दी।
यह फैसला ट्रम्प प्रशासन की उस अपील के बाद आया, जिसमें उन्होंने एक जिला जज के अप्रैल के आदेश को हटाने की मांग की थी, जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के रिकॉर्ड तक पहुंच से रोका गया था।
कोर्ट ने अपने संक्षिप्त और बिना हस्ताक्षर वाले आदेश में कहा, "सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन अब गवर्नमेंट एफिशिएंसी को लाखों अमेरिकियों टीम के सदस्यों को उनके काम के लिए ज़रूरी रिकॉर्ड तक पहुंच दे सकता है।"
इस फैसले से डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को वह डेटा देखने की इजाज़त मिल गई, जिसमें अमेरिकियों की निजी जानकारी शामिल है।
लिबरल जज कर रहे विरोध, प्राइवेसी के खतरे की दे रहे दलील
सुप्रीम कोर्ट के तीन लिबरल जजों ने इस फैसले का विरोध किया। जस्टिस केतांजी ब्राउन जैक्सन ने कहा कि यह कदम लाखों अमेरिकियों की निजता के लिए "गंभीर खतरा" है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस डेटा में सोशल सिक्योरिटी नंबर, जन्म तारीख, पते, बैंक खातों की जानकारी और मेडिकल रिकॉर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल है।
जैक्सन ने कहा, "सरकार डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को बिना किसी रोक-टोक के यह निजी और गैर-अनाम जानकारी तुरंत देना चाहती है, जबकि अदालतों को यह जांचने का मौका भी नहीं मिला कि डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी की पहुंच कानूनी है या नहीं।"
अप्रैल में जिला जज एलन हॉलैंडर ने अपने फैसले में डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी कर्मचारियों को ऐसी जानकारी तक पहुंच से रोक दिया था, जिसमें अमेरिकियों की पहचान हो सकती थी, जैसे सोशल सिक्योरिटी नंबर, मेडिकल हिस्ट्री या बैंक रिकॉर्ड।
हॉलैंडर ने कहा था कि सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन केवल गुमनाम या संशोधित रिकॉर्ड ही डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी को दे सकता है, और वह भी उन कर्मचारियों को, जिन्होंने बैकग्राउंड चेक और संघीय कानूनों व प्राइवेसी नीतियों की ट्रेनिंग पूरी की हो।
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