गाजे-बाजे के साथ निकली बकरे की शव यात्रा, गंगा किनारे हुआ विधि विधान से अंतिम संस्कार
अमरोहा। उत्तर प्रदेश के जनपद अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र के गांव पाल में बकरे का अंतिम संस्कार चर्चा का विषय बना हुआ है। चामुंडा मैया के नाम से छोड़े गए इस बकरे की मौत हो जाने पर ग्रामीणों ने उसकी अर्थी सजाकर अंतिम यात्रा निकाली और विधि-विधान से गंगा किनारे उसका अंतिम संस्कार किया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह बकरा करीब 20 साल पहले चामुंडा देवी के नाम से छोड़ा गया था। बकरा गांव में स्वतंत्र रूप से घूमता था और हर शाम चामुंडा मंदिर पर बैठ जाता था। बीते कुछ दिनों से बकरा बीमार चल रहा था और उसे तेज बुखार हो गया था। ग्रामीणों ने उसका इलाज भी कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उसकी मौत हो गई। जिसकी जानकारी सुबह होते ही ग्रामीणों ने उसकी अर्थी सजाई। ग्रामीण आवेश ने बताया कि किसी मनुष्य की तरह बकरे की अर्थी बनाई गई और पूरे गांव ने उसकी शव यात्रा निकाली। यह शव यात्रा गंगा तट तक पहुंची, जहां बकरे का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया। इस यात्रा में गांव के सभी लोग शामिल हुए। बकरे की यह शव यात्रा अब इलाके में चर्चा का विषय बन गई है, और लोग इसे एक अनोखी घटना के रूप में देख रहे हैं।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (16 मार्च 2026)
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित हुईं निशि श्रीवास
गढ़फुलझर नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
छोटी बचत से बड़ा कदम, महतारी वंदन योजना से शुरू हुआ अपना व्यवसाय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 16 मार्च को अभिमुखीकरण कार्यक्रम में होंगे शामिल
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से बदली जयराम देवांगन की किस्मत
महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और स्वावलंबन का नया सवेरा
सपनों को उड़ान देने जरूरत होती है साहस और संकल्प की
इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में बनेंगे “गीता भवन” : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
संस्कृति और परंपराओं का उल्लास आने वाली पीढ़ी को समझाएगा उनका महत्व : उप मुख्यमंत्री शुक्ल