ईरान के इस्राइल पर हमले को लेकर आया भारत का बयान....
ईरान के इस्राइल पर ड्रोन्स और मिसाइल हमले के बाद लड़ाई का एक और मोर्चा खुलने का डर पैदा हो गया है। पहले ही वैश्विक तनाव से जूझ रही दुनिया में इस घटना ने मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। यही वजह है कि दुनियाभर से ईरान के हमले को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। वहीं ईरान ने धमकी दी है कि अगर इस्राइल उकसावे की कार्रवाई जारी रखता है तो इसके गंभीर अंजाम होंगे।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक आज
ईरान के हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आज आपात बैठक बुलाई गई है। इस्राइल ने इसकी मांग की थी और इस्राइल ने साथ ही सुरक्षा परिषद से ये भी मांग की है कि परिषद ईरान के हमले की कड़ी निंदा करे और ईरान की सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड को एक आतंकी संगठन घोषित करे। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात कर हालात पर चर्चा की। ईरान के ड्रोन्स और मिसाइलों ने इस्राइल पर हमला किया है, जिसमें इस्राइल के एक सैन्य बेस को नुकसान पहुंचने की खबर है। अमेरिका की नौसेना ने कई ड्रोन्स को तबाह किया है। वहीं इस्राइल के आयरनडोम ने मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। जानिए इस पर किस नेता ने क्या कहा है।
बेंजामिन नेतन्याहू
इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। नेतन्याहू ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य देशों को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। नेतन्याहू ने कहा कि 'हाल के वर्षों में, खासकर हाल के सप्ताह में इस्राइल, ईरान के हमले की तैयारी कर रहा था। हमारा डिफेंसिव सिस्टम तैनात है और हम किसी भी हालात के लिए तैयार हैं। इस्राइल मजबूत है। सेना मजबूत है और जनता भी मजबूत है।'
ईरान
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजनयिक ने इस्राइल पर हमले का बचाव किया है। साथ ही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर इस्राइल ने उकसावे वाली कार्रवाई की तो इसके गंभीर अंजाम भुगतने होंगे। ईरान के राजनयिक ने अमेरिका को इस विवाद से दूर रहने की सलाह दी। ईरान के राजनयिक ने कहा कि ईरान की सेना ने, इस्राइल द्वारा दमिश्क में हमारे दूतावास पर हमले के बाद कार्रवाई की। अगर इस्राइल एक और गलती करता है तो इसके और गंभीर परिणाम होंगे। यह ईरान और इस्राइल के बीच की लड़ाई है।
भारत
ईरान की तरफ से इस्राइल पर ड्रोन और मिसाइल दागे जाने की घटना पर भारत की तरफ से भी बयान जारी किया गया है। विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, 'हम इस्राइल और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ने को लेकर गंभीर तौर पर चिंतित हैं। इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा पर खतरा पैदा होता है। हम इस संघर्ष से पीछे हटने और दोनों देशों से अपने कदमों को रोकने के साथ बातचीत करने की अपील करते हैं। विदेश मंत्रालय इस स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है। क्षेत्र में मौजूद हमारे दूतावास भारतीय समुदाय से संपर्क में हैं। यह जरूरी है कि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थायित्व बना रहे।'
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल को समर्थन का एलान किया है। उन्होंने कहा कि मैंने अभी अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से मुलाकात की और ईरान के इस्राइल पर हमले को लेकर जानकारी ली है। हम ईरान के हमले के जवाब में इस्राइल की सुरक्षा के लिए समर्पित हैं।
यूरोपीय देश
यूरोपीय देशों के नेताओं ने ईरान के हमले की निंदा की है। ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक ने ईरान के हमले को क्षेत्र को अस्थिर करने वाला बताया। फ्रांस के विदेश मंत्री ने आशंका जताई कि ईरान की कार्रवाई से पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ सकता है। यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष ने शांति की अपील की। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि पश्चिम एशिया का क्षेत्र एक और लड़ाई को बर्दाश्त नहीं कर सकता।
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