अधिकार क्षेत्र को लेकर सुनवाई में उठे बड़े प्रश्न
नई दिल्ली| हाई कोर्ट ने गायक जुबिन नौटियाल की व्यक्तित्व अधिकार से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम सवाल उठाया। अदालत ने पूछा कि आखिर बॉलीवुड हस्तियां अपने गृह राज्य की अदालतों के बजाय सीधे दिल्ली हाई कोर्ट में ही मामले क्यों दाखिल करती हैं। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता उत्तराखंड में रहते हैं, तो वहां की अदालत में याचिका दाखिल करने में क्या परेशानी थी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि सिर्फ इसलिए कि केंद्र सरकार के मंत्रालय दिल्ली में हैं, हर मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में नहीं लाया जा सकता। जुबिन नौटियाल ने अदालत में कहा है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी आवाज, नाम, फोटो व अन्य व्यक्तित्व से जुड़े तत्वों का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे उनके व्यक्तित्व अधिकार, ट्रेडमार्क व कॉपीराइट का उल्लंघन हो रहा है। याचिका में रोमानिया और यूएई से जुड़े कुछ विदेशी संस्थानों को भी पक्षकार बनाया गया है।
70 करोड़ महिलाओं के मुद्दे पर गरमाई देश की राजनीति
रिश्वतखोरी का खुलासा: 20 हजार पहले लिए, बाकी 40 हजार लेते ही लोकायुक्त पुलिस ने की गिरफ्तारी।
TET का संकट: क्या दशकों पुराने शिक्षकों की नौकरी पर है खतरा? भोपाल में जुटा विशाल जनसमूह
चीख-पुकार में बदली दोपहर की मस्ती: मैहर में दो परिवारों के चिराग बुझे
वोटिंग लिस्ट में गड़बड़झाला: आलीराजपुर के 17 वोटर्स के संवैधानिक हक पर अधिकारियों की मार
हाई कोर्ट में पुलिसिया जांच पर सवाल: भाई की शादी के नाम पर खुद की शादी की गलत रिपोर्ट
बंगाल में मोहन यादव का प्रहार: "जंगलराज से त्रस्त जनता अब मांग रही है हिसाब"
समंदर में सामरिक शक्ति का प्रदर्शन: मिसाइल टेस्टिंग को लेकर आमने-सामने आए भारत-पाक
वित्त और विदेश मंत्री से होगी चर्चा: नेपाली मंत्रियों संग बैठक करेंगे अमेरिकी सहायक सचिव
आरक्षण पर आर-पार: एस. जयशंकर ने कहा- महिलाओं के हक पर विपक्ष ने चलाई कैंची