विनिर्माण क्षेत्र में 40 फीसदी तक पहुंच सकती है महिला प्रशिक्षुओं की भागीदारी
विनिर्माण क्षेत्र में महिला प्रशिक्षुओं की मांग में तेज वृद्धि हुई है। कारखाने अब लैंगिक समानता को अपना रहे हैं। इस साल के अंत तक उम्मीद है कि विनिर्माण क्षेत्र में महिला प्रशिक्षुओं की संख्या 40 फीसदी तक पहुंच सकती है।8 से 10 महीने में 10 वीं व 12वीं कक्षा पास करने वाली महिला प्रशिक्षु को नियुक्त करने की मांग में पांच गुना वृद्धि हुई है।रिपोर्ट के अनुसार, महिला प्रशिक्षुओं की मांग में वृद्धि वाहन, ई-वाहन, इलेक्ट्रॉनिक तथा फोन विनिर्माण क्षेत्रों में तेजी के कारण आई है। इससे महिला प्रशिक्षुओं के प्रतिनिधित्व में अच्छी खासी वृद्धि का अनुमान है।विनिर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षु के रूप में करीब 70 प्रतिशत महिलाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से हैं। यह कौशल विकास तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये इन क्षेत्रों में महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर का संकेत देता है।रिपोर्ट के अनुसार, पहले हर महीने 1,000-2,000 महिला प्रशिक्षुओं की मांग थी। यह बढ़कर अब 10,000 से 12,000 प्रति महीने पहुंच गई है। वहीं, इनकी भर्तियां भी 10-15 फीसदी से बढ़कर 40-45 फीसदी पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से मातृ स्वास्थ्य को मिला संबल
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन 06 मार्च को करेंगे 3.08 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन
नगरपालिका परिषद का शताब्दी वर्ष शुजालपुर के हर नागरिक के सम्मान का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में होली मिलन
स्व-सहायता समूह से बदली सुनीता दीदी की तकदीर
बिहान योजना से खिला रत्ना का भविष्य- फूलों की खेती से बनीं सफल उद्यमी
राजनीति में हलचल: Nitish Kumar ने फेसबुक पर शेयर कर बताया—जाएंगे राज्यसभा
जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
श्रीमद भागवत कथा में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल