रायपुर का 'कचरा' घोटाला: 15 करोड़ के ठेके के बावजूद 3 साल से जस का तस कचरे का ढेर, कंपनी पर सवाल!
छत्तीसगढ़ के रायपुर में नगर निगम ने सरोना में लगे कचरे के ढेर को रिसाइकलिंग करने का ठेका जिस कंपनी को 15 करोड़ में दिया है, उस कंपनी की मनमानी जारी है। ठेका शर्त के अनुसार 18 माह में ये काम पूरा करना था, लेकिन तीन साल बीतने को है, काम में तेजी नहीं आई। अब तेज बारिश होने पर पूरा काम ठप हो जाएगा। निगम प्रशासन ने नोटिस देकर मशीनों की संया बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कंपनी ने मशीनों की संया नहीं बढ़ाई।
2022 में वर्कऑर्डर जारी किया
सरोना स्थित पुराने डंप साइट का रिमेडिएशन कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। बारिश शुरू हो जाने से निगम में हलचल तेज हुई है। क्योंकि क्षेत्रीय विधायक राजेश मूणत ने भी 15 जून तक काम पूरा कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। न तो साइड पर मशीनों की संया ठेका एजेंसी ने बढ़ायी न ही प्रोसेसिंग काम में तेजी लाने का प्रयास किया।
ऐसी स्थिति में भी एजेंसी को न तो ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई की गई न ही भुगतान रोका गया। जबकि निगम आयुक्त रहे मयंक चतुर्वेदी, अविनाश मिश्रा कई बार जायजा लेने पहुंचे और मशीनें बढ़ाने के निर्देश दिए, परंतु एजेंसी के ऊपर कोई फर्क नहीं पड़ा।
पूरा करना था दिसंबर 2024 में
नगर निगम के रेकॉर्ड के अनुसार सरोना स्थित पुराने डप साइड के रिमेडिएशन कार्य का ठेका संस्था मेसर्स हिल ब्रो मैटेलिक एंड कंस्ट्रक्शन प्रालि.-इनवारों आर्गेनिक वर्कस एंड सप्लायर्स (जेवी.) को दिया है। इस एजेंसी के साथ 22 जून 2023 को अनुबंध कर कार्यादेश जारी किया गया था। अनुबंध अनुसार यह कार्य 18 माह के भीतर पूर्ण किया जाना था।
इसके बाद संस्था को कार्य पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त 06 माह की समयावधि देते हुए अत्तिरिक्त मशीनरी बढ़ाने के लिए पत्राचार किया। इसमें कहा गया कि यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी, लेकिन, जमीनी स्तर पर ठेकेदार की मनमानी जारी रहेगी। उसके काम में किसी तरह की तेजी नहीं आई। नतीजा, उस जगह पर अब पानी भरने की स्थिति में काम ठप हो जाएगा।
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