विंस मैकमैहन के समय में लोकप्रिय हुए थे स्ट्रोमैन
डब्यलूडब्ल्यूई से बाहर किये गये पूर्व यूनिवर्सल चैंपियन ब्रॉन स्ट्रोमैन ने कहा है कि वह अभी कुछ समय परिवार के साथ बिताएंगे। उसी के बाद आगे की नई योजनाएं बनाएंगे। स्ट्रोमैन के अनुसार लंबे समय बाद उन्हें इस प्रकार अपने दोस्तों और करीबी लोगों के साथ रहने का अवसर मिला है। जिसका वह लाभ उठाना चाहते हैं। इसके बाद ही वह नई योजनाओं पर काम करेंगे। विंस मैकमैहन के समय में स्ट्रोमैन को लोकप्रिय हुए थे। विंस हमेशा से ही लंबे और ताकतवर पहलवानों को पसंद करते थे और स्ट्रोमैन इस पैमाने पर खरे उतरते थे। उन्होंने डब्यलूडब्ल्यूई में यूनिवर्सल चैंपियनशिप जीती और कई यादगार मुकाबले अपने नाम किय। हालांकि, ट्रिपल एच के आने के बाद स्ट्रोमैन का महत्व कम हो गया। ट्रिपल एच की सोच अलग थी और उन्होंने स्ट्रोमैन को सिर्फ एक मिड-कार्ड रेसलर के रूप में देखा।
स्ट्रोमैन ने कहा, आगे क्या? यह कोई रहस्य नहीं है। मैंने अपनी जिंदगी के पिछले दस साल दुनिया भर में घूम-घूम कर लोगों से पिटने और उन्हें पीटने में बिताए हैं। यह एक शानदार सफर रहा है। उन्होंने आगे कहा, मैं यह नहीं कह रहा कि मैं फिर से रिंग में नहीं उतरूंगा, लेकिन यह मेरे लिए कुछ नया करने का मौका है। मैं अपने परिवार और दोस्तों के साथ फिर से जुड़ना चाहता हूं। वहीं कहा जा रहा है कि स्ट्रोमैन को कंपनी से निकाले जाने का एक मुख्य कारण उनकी चोटें थीं, क्योंकि हाल उन रेसलर्स को ज्यादा निकाला गया जो फिट नहीं थे। अब देखना होगा कि क्या स्ट्रोमैन किसी अन्य रेसलिंग प्रमोशन में शामिल होते हैं या पूरी तरह से एक नया रास्ता तय करते हैं।
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
फॉरेस्ट ग्राउंड में बना बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित और अनुशासित कर रहा
माता-पिता के संस्कार और गुरूओं से प्राप्त ज्ञान के प्रति सदैव रहें कृतज्ञ : राज्यपाल पटेल
आदि शंकराचार्य का दर्शन भारतीय संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिक एकता का बना आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव