दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम शुल्क के साथ जीएसटी भी देना होगा
नई दिल्ली । दूरसंचार कंपनियों को स्पेक्ट्रम शुल्क के के साथ-साथ वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी देना होगा। दूरसंचार विभाग (डीओटी) मोबाइल फोन सेवाओं के लिए आठ स्पेक्ट्रम बैंड के लिए स्पेक्ट्रम नीलामी का अगला दौर छह जून को आयोजित करेगा। नीलामी के लिए आधार मूल्य 96,317 करोड़ रुपये तय किया गया है। स्पेक्ट्रम 20 साल के लिए आवंटित किया जाएगा और सफल बोलीदाताओं को आगामी ‘मेगा’ नीलामी में 20 समान वार्षिक किस्तों में भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार कंपनियों को प्रत्येक किस्त के साथ 18 प्रतिशत जीएसटी का भुगतान करना होगा। अधिकारी ने कहा कि जीएसटी परिषद अपनी अगली बैठक में स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान बोली जीतने वाली कंपनियों द्वारा जीएसटी भुगतान की प्रक्रिया को स्पष्ट कर सकती है। स्पष्टीकरण से नीलामी प्रक्रिया में जीएसटी संग्रह की विधि के संबंध में क्षेत्रीय अधिकारियों के बीच भ्रम समाप्त हो जाएगा। 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1,800 मेगाहर्ट्ज, 2,100 मेगाहर्ट्ज, 2,300 मेगाहर्ट्ज, 2,500 मेगाहर्ट्ज, 3,300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड में सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम नीलामी का हिस्सा हैं। नीलामी की जा रही कुल ‘फ्रीक्वेंसी’ का मूल्य 96,317 करोड़ रुपये है।
तेज रफ्तार ट्रक ने बस को मारी टक्कर, बलौदाबाजार में 4 लोगों की गई जान
पारा चढ़ा, गुरुवार रहा सबसे गर्म दिन; अगले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी
अनिल अंबानी से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मुंबई-हैदराबाद में छापेमारी, जानें पूरा मामला
खत्म हुआ इंतजार, इस दिन रिलीज होगा 'धुरंधर 2' का ट्रेलर; नोट कर लीजिए समय और तारीख
तेज रफ्तार बस पलटी, जशपुर में 5 यात्रियों की मौके पर मौत
'कृषि क्षेत्र के निर्यात को बढ़ाना जरूरी', पीएम मोदी ने किसान योजना का किया जिक्र
केजरीवाल को झटका: दिल्ली विधानसभा ने लाइव स्ट्रीमिंग से किया इनकार
ऊर्जा संकट के बीच बड़ा फैसला: United States की मंजूरी से India जारी रखेगा Russia से तेल आयात
आमिर की भविष्यवाणी फिर गलत होने पर किसने कहा ऐसा? दिग्गज का तंज- भीख मांगकर नहीं जीते जाते खिताब