शपथ के पहले ट्रंप को मिला अरबों का नजराना
न्यूयॉर्क। अमेरिका के बहुचर्चित डोनाल्ड ट्रंप जनवरी माह में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ के पहले ही अमेरिका के इतिहास में पहली बार डोनाल्ड ट्रंप को नजराने के रूप में चंदा दिया जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने 1700 करोड रुपए का चंदा एकत्रित करने का लक्ष्य तैयार किया है। अमेरिका में इसके पहले कभी भी राष्ट्रपति का चुनाव हो जाने के बाद शपथ के लिए चंदा नहीं लिया जाता था।
शपथ ग्रहण के पहले जो लोग चंदा दे रहे हैं। उनमें अमेरिका के बड़े-बड़े कारोबारी शामिल हैं। इन लोगों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने आप को या तो चुनाव से दूर रखा था, या कमला हैरिस के पक्ष में चुनाव मैं काम कर रहे थे। उन सभी कंपनियों द्वारा अब बड़े पैमाने पर डोनाल्ड ट्रंप को चंदा दिया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 1275 करोड रुपए का चंदा ट्रंप इनॉग्रेशन के लिए जमा हो चुका है। अमेरिका की राजनीति में वित्तीय पारदर्शिका के समर्थक ब्रेडन ग्लेविन का कहना है। कंपनियों की ओर से दिया जा रहा है। यह चंदा एक तरह से शपथ के पहले दिया जा रहा नजराना है।
ट्रंप के साथ डिनर 42 करोड़ में
शपथ ग्रहण समारोह के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित दिए जा रहे हैं। 17 जनवरी से यह कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। ट्रंप -मिलेनिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा के साथ डिनर के लिए 42 करोड़ चंदे में लिए जा रहे हैं। इस तरह के आठ कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
ट्रंप विरोधी भी दे रहे हैं चंदा
अमेरिका में चंदे का धंधा अब खुलकर सामने आ गया है। ट्रंप के विरोधी भी बड़ी मात्रा में चंदा दे रहे हैं। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग, अमेजॉन के सीईओ जैस बेजोस ने भी शपथ ग्रहण समारोह के लिए 85-85 करोड रुपए का चंदा, ट्रंप की पार्टी को दिया है। अन्य विरोधी कंपनियों के मालिक भी भर भर कर ट्रंप को शपथ ग्रहण समारोह के लिए चंदा दे रहे हैं. चंदे का धंधा अब अमेरिका में भी चर्चाओं में आ गया है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 मार्च 2026)
सरकार बोली- पैनिक बुकिंग से बढ़ी गैस सिलेंडर की मांग
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनजातीय क्षेत्र के विकास में खेती और किसान की बेहतर सेहत महत्वपूर्ण: राज्यपाल पटेल
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट से होटल कारोबार प्रभावित, सागर गैरें ने बदला तरीका
राज्यसभा सीट के लिए एमपी में सियासी गणित पर सबकी नजर
बिहार विधानसभा चुनाव: बीजेपी का खजाना भारी, 89 सीटों पर विजय और 146.71 करोड़ का खर्च
भारत में ईंधन संकट की अफवाहों पर हरदीप पुरी का जवाब