युवती से दुष्कर्म, हाई कोर्ट ने आरोपी की मां को बनाया सहआरोपी
जबलपुर: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल ने दुष्कर्म के एक मामले में तस्वीर साफ की. कोर्ट ने टिप्पणी की "भले ही महिला दुष्कर्म नहीं कर सकती लेकिन इसके उकसाने के मामले में सहआरोपी बनाया जा सकता है." मामले के अनुसार भोपाल की पीड़ित युवती ने युवक और उसकी मां के खिलाफ आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी. इसके बाद आरोपी जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचे. सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ये टिप्पणी की.
युवती से दुष्कर्म, आरोपी की मां ने दिया साथ
भोपाल के छोला मंदिर थाने के पास रहने वाली युवती ने एक परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई. युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया "युवक ने उससे दुष्कर्म किया. इस घटना में युवक की मां और युवक का भाई भाई भी शामिल है." शिकायत के अनुसार "आरोपी का नाम अभिषेक गुप्ता, उसकी मां का नाम रीता गुप्ता और भाई का नाम प्रशांत गुप्ता है." युवती ने बताया "वह अपनी मां के साथ छोला मंदिर थाना क्षेत्र में रहती है. अभिषेक गुप्ता पड़ोसी था. अभिषेक ने उसके साथ शादी का प्रस्ताव रखा. उसने शादी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया. इसके बाद होटल में दोनों की सगाई हुई."
सगाई के बाद युवती का शारीरिक शोषण
शिकायत के अनुसार "सगाई के बाद अभिषेक गुप्ता ने युवती के साथ 3 बार शारीरिक संबंध बनाए. तीनों बार अभिषेक गुप्ता ने अपने घर में ही युवती से दुष्कर्म किया. इस दौरान युवक की मां रीता गुप्ता घर में मौजूद रही. रीता गुप्ता ने लड़के को समझाया कि क्योंकि तुम्हारी सगाई हो गई है इसलिए शारीरिक संबंध बनाने में कुछ गलती नहीं है." युवती ने शिकायत में बताया "कुछ दिनों बाद उसकी मां का देहांत हो गया. मां के निधन के बाद अभिषेक गुप्ता, रीता गुप्ता और प्रशांत गुप्ता ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और शादी से मना कर दिया."
हाई कोर्ट ने सेशन कोर्ट के फैसले को सही ठहराया
परेशान होकर युवती ने छोला मंदिर पुलिस थाने में अभिषेक गुप्ता के खिलाफ दुष्कर्म और उसकी मां और भाई के खिलाफ दुष्कर्म के लिए उकसाने और सहयोग देने का मामला दर्ज करवाया. भोपाल सेशन कोर्ट ने इन तीनों को आरोपी मानते हुए जमानत देने से मना कर दिया. जमानत लेने के लिए आरोपी जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचे. हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए कहा "यदि कोई महिला किसी को दुष्कर्म के लिए उकसाती है तो उसे सहआरोपी बनाया जा सकता है." युवती की तरफ से हाईकोर्ट में पक्ष रखने वाले एडवोकेट सीएम तिवारी ने ये जानकारी दी. अब आरोपी महिला के खिलाफ भी 376 r/w 34, 109 और 506-11 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा.
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